Friday, October 8, 2021

What is C Language in Hindi

 

सी लैंग्वेज क्या है? ( What is C Language in Hindi )

C Language एक general-purpose प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसको Dennis Ritchie ने 1972 में AT & T’S Bell Telephone Laboratories में बनाया था | Dennis Ritchie एक operating system बनाना चाहते थे जिसका नाम था Unix Operating System, इसको बनाने के लिए ही Dennis Ritchie ने सी लैंग्वेज Developed किया था |

खास बात ये है कि सी लैंग्वेज की मदद से हम low level प्रोग्रामिंग कर सकते है | इसके इस Feature के कारण C programming language का उपयोग System software जैसे – Operating systemDevice DriverCompiler आदि बनाने के लिए किया जाता है |

C Language में बाकि सभी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बेसिक फीचर्स कवर हो जाते है (जैसे – VariableData TypesArrayStringFunctionStructurePointerLoop, आदि) जिसके कारण C language को बाकि सभी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का Mother Language कहा जाता है |

एक बार सी लैंग्वेज सिखने के बाद आप बाकि सभी Programming Languages को बड़े ही आसानी से सिख सकते है |


सी लैंग्वेज का इतिहास क्या है? ( History of C Language in Hindi )

C Language बनने से पहले सन 1966 में Martin Richard नाम के एक व्यक्ति ने AT & T’S Bell Telephone Laboratories, US मे उस टाइम के सभी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बेसिक फीचर्स को Combine करके BCPL नाम का एक Programming Language बनाया था जिसका पूरा नाम है – Basic Combine Programming Language |

BCPL बड़ा सॉफ्टवेयर बनाने के लिए उपयुक्त नहीं था साथ ही इसमें Low Level स्टाइल में coding किया जाता था |

Ken Thompson जो की Martin Richard के साथ ही AT & T’S Bell Telephone Laboratories में काम किया करते थे इन्होने 1969 में BCPL लैंग्वेज को सुधार करके B Language बनाई |

दरअसल Ken Thompson एक ऑपरेटिंग सिस्टम बनाना चाहते थे जिसको बनाने के लिए एक अच्छे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जरुरत थी और वो लैंग्वेज थी B Language | बी लैंग्वेज बनाने के बाद इन्होने Unix Operating System को बनाया |

AT & T’S Bell Telephone Laboratories में ही Dennis Ritchie भी काम किया करते थे जिन्होंने 1972 में C Language को बनाया और Ken Thompson से कहा “अगर हम Unix Operating System को C Language की मदद से बनाये तो इसमें और भी ज्यादा फीचर्स ऐड कर सकते है जिसमे सबसे बड़ा Feature ऑपरेटिंग सिस्टम का पोर्टेबल होना था” |

Dennis Ritchie Founder of C Language
Dennis Ritchie Founder of C Language

C Language की विशेषताएं ( Features of C language in Hindi )

  1. C एक सरल और आसान Programming Language है |
  1. C Language में इंग्लिश जैसे Command/Instructions होते है जिसको पड़ना ,समझना, Code करना एक प्रोग्रामर के लिए बहुत ही आसान है |
  1. C एक Procedure Oriented प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है |
  1. C बहुत ही पॉवरफुल और Case Sensitive प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है |
  1. C Language Compiler based ,डायनामिक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है |
  1. C Language एक Middle level language है जिसके कारण इससे Low Level और High Level दोनों ही तरह की प्रोग्रामिंग की जा सकती है |
  1. सी लैंग्वेज ऑपरेटिंग सिस्टम और एम्बेडेड सिस्टम डेवलपमेंट करने में सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है।
  1. सी लैंग्वेज काफी पोर्टेबल और पॉवरफुल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है | 
  1. सी लैंग्वेज एक Syntax Based Language है | 
  1. सी एक जनरल पर्पस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जो बाकि सभी लैंग्वेज के बेसिक फीचर्स को कवर कर लेता है |

यहाँ पर मैंने सी लैंग्वेज के फीचर्स को बताया तो है, मगर हो सकता है कि आपमें से कुछ लोगो को कुछ चीजे जैसे – Case Sensitive programming language क्या है, Syntax Based Language क्या है आदि के बारे में समझ न आया हो तो इनके बारे में अच्छे से जानने के लिए इसे पढ़े 👉 Features of C Language इसमें मैंने सी लैंग्वेज के सभी फीचर्स को अच्छे से समझया है |


सी इतना महत्वपूर्ण क्यों है? (Why C language is So important )

अगर आप एक collage स्टूडेंट है तो आपको C Language जरूर सीखनी चाहिए क्योकि सी लैंग्वेज आपके campus requirement प्रोसेस में काफी मददगार साबित होती हैं |

साथ ही अगर आपने अभी तक कोई प्रोग्रामिंग लैंग्वेज नहीं सीखी है तो आप C Language से शुरुवात कर सकते है क्योकि सी लैंग्वेज बाकि सभी लैंग्वेज के बेसिक फीचर को कवर कर लेता है जिससे आप आगे कोई भी Programming Language को बड़े ही आसानी से सिख सकते है |

C language अगर आपकी फर्स्ट प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है तो यकीं मानिये है आपको programming काफी अच्छे से समझ आ जाएगी क्योकि सी लैंग्वेज हमारे प्रोग्रामिंग स्किल को बिल्ड करने में काफी मददगार साबित होता है साथ ही सी लैंग्वेज हमे लॉजिक सोचना समझना सिखाता है |

C Language बहुत पुराना और पॉपुलर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है | सी लैंग्वेज पिछले 50 वर्षो से प्रोग्रामर (programmer) के दिलो में अपनी जगह बनाये हुवे है इसका कारण ये है कि सी लैंग्वेज बहुत फ़ास्ट है इसमें मशीन स्तर (Low Level) तक की प्रोग्रामिंग बड़े ही आसानी से की जा सकती है |

हमारे दैनिक जीवन के कई ऐसे सॉफ्टवेयर है जो की C language में बने है जिसका उपयोग हम कर तो रहे है मगर हमे पता भी नहीं होता कि ये सॉफ्टवेयर किस लैंग्वेज में बने है | सी लैंग्वेज सिख के आप कुछ ऐसे ही सॉफ्टवेयर बना सकते है आइये जानते है सी लैंग्वेज से बने कुछ एप्लीकेशन के बारे में -:

  • Oracle और MySql डाटा बेस मैनेजमेंट का एक सॉफ्टवेर है जो की C Language में बना है|
  • लगभग सभी Device driver सी लैंग्वेज में बना है (डिवाइस ड्राइवर वो टूल है जिसके जरिये आपके पेन ड्राइव के कंटेंट को पढ़ा जाता है | )
  • आज की हॉट टेक्नोलॉजी एंड्राइड की Core library भी सी लैंग्वेज में लिखी गई है |
  • आज के समय के जितने भी ऑपरेटिंग सिस्टम है वो भी C language में बने है जैसे – Unix Operating System |
  • Web Browser के काफी पार्ट भी C Language में लिखे गए है |

तो ये कुछ ऐसे सॉफ्टवेयर थे जो की C language का प्रयोग करके बनाये गए थे | और भी कई तरह के Software आप सी लैंग्वेज की मदद से बना सकते है तो आइये जानते है कि सी लैंग्वेज से हम और किस किस तरह के सॉफ्टवेयर बना सकते है |

सी भाषा के अनुप्रयोग | Applications of C Language

अगर आप कोई प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सिख रहे है और आपको पता नहीं है कि आप उस लैंग्वेज को सिख कर क्या क्या बना सकते है तो आप वो लैंग्वेज सिख कर कुछ नहीं कर पाएंगे, ऐसे में आपको पता होना चाहिए कि आप उस लैंग्वेज को सिख कर क्या क्या करने वाले है तो चलिए जानते है कि C language से आप क्या क्या बना सकते है |

  • आप C Language से एक अच्छा Operating System बना सकते है जैसे- Window , Linux , Mac क्योकि ये ऑपरेटिंग सिस्टम का major पार्ट सी लैंग्वेज में लिखा गया है |
  • C Language से आप Compiler बना सकते है जो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट करता है |
  • इससे आप Text Editor बना सकते है |
  • Utility Software बना सकते है |
  • Database Management वाला सॉफ्टवेयर बना सकते है जैसे – Oracle, Mysql आदि |
  • Device driver बना सकते है |

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